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Tuesday, 25 August 2020

तेरे मोहल्ले के कितने चक्कर लगाए

' तेरे मोहल्ले के कितने चक्कर लगाए'

तेरे मोहल्ले के कितने चक्कर लगाए
तेरे यादों में हम कितना रोयें
हम अपनी मुहब्बत जो तुमको माना
हमें ना पता था जो तुम ऐसी होगी


जब तुमने ऐसा सोचा होगा
तब तुम्हारे दिल में मेरी याद आयी तो होगी
तुम तो ऐसी ना थी
तुम तो मेरे पे मरने की बात कहती थी
तुम तो ऐसी ना थी - 2


तुमको तो तेरी सहेलियों की वो बातें
तो याद आयी होगी
तेरा एक्स्ट्रा क्लास का बहाना बनाकर
घर से निकलना
मेरे साथ अकेले वो घूमना अच्छा लगता था
ये सब तो तुमको याद आयी होगी
तेरे मोहल्ले के कितने चक्कर लगाए


जब तुमने उसके नाम की मेहंदी लगायी होगी
तुमको तो मेरी याद आयी होगी
मेहंदी की गीतों में,
तुमको जो मैंने गीत - ग़ज़लें सुनायी थी
याद आयी तो होगी


शादी के मंडप में जाने से पहले
मेरी याद आयी तो होगी
मंडप में बैठने से पहले डरी तो होगी
सात - फेरों में चलने से पहले
तुम्हें मेरी याद आयी तो होगी
सात - फेरों लगाने में पैर कांपे तो होंगे


तेरे मोहल्ले के कितने चक्कर लगाए
तेरी यादों में हम कितना रोये
हम अपनी मुहब्बत जो तुमको माना
हमें ना पता था जो तुम ऐसी होगी - 2
                      Prince Kumar

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