'उन शौर्य वीर की गाथा आज हम तुम्हें सुनाते हैं'
उन शौर्य वीर की गाथा आज हम तुम्हें सुनाते हैं
जिनकी वीरता से हमारा सीना गर्व से फूल गया
जिनके पराक्रम से उनको दुश्मन भी है नमन करते
जिसने अपने वतन के खातिर प्राण न्यौछावर कर दिये।
खुले आसमान में रहकर वो देश की सेवा थे कर रहे
ठंडी हो या , हो गर्मी , हो या फिर बरसात
अपने वतन की रक्षा करते थे दिन हो या रात ।
वो मां कितनी भाग्यशाली होगी
जिसने इनको जन्म दिये
एक मां की नहीं , वो करोड़ों मां का क़र्ज़ चुका गये।
वो पिता भी कितने धन्य होंगे
जिसने इनको पाला था
एक पिता नहीं , वो करोड़ों पिताओं का मान बढ़ा गये।
वो भाई कितने प्रतापी होंगे
जिसने इनको देश के नाम किये ।
वो बहन भी कितनी प्यारी होगी
जिसने इनके कलाई पे रक्षा का बंधन बांधी होंगी।
वो पत्नी भी कितनी साहसी होगी
जिसने इनको आरती और तिलक कर
देश रक्षा को भेजी होंगी।
हम सब भी कितने सौभाग्यशाली हैं
जो ऐसे वीर अनेकों हैं।
उन शौर्य वीर की गाथा आज हम तुम्हें सुनाते हैं
जिनकी वीरता से हमारा सीना गर्व से फूल गया
जिनके पराक्रम से उनको दुश्मन भी है नमन करते
जिसने अपने वतन के खातिर प्राण न्यौछावर कर दिये।
©Prince Kumar
जिनकी वीरता से हमारा सीना गर्व से फूल गया
जिनके पराक्रम से उनको दुश्मन भी है नमन करते
जिसने अपने वतन के खातिर प्राण न्यौछावर कर दिये।
ठंडी हो या , हो गर्मी , हो या फिर बरसात
अपने वतन की रक्षा करते थे दिन हो या रात ।
जिसने इनको जन्म दिये
एक मां की नहीं , वो करोड़ों मां का क़र्ज़ चुका गये।
जिसने इनको पाला था
एक पिता नहीं , वो करोड़ों पिताओं का मान बढ़ा गये।
जिसने इनको देश के नाम किये ।
जिसने इनके कलाई पे रक्षा का बंधन बांधी होंगी।
जिसने इनको आरती और तिलक कर
देश रक्षा को भेजी होंगी।
जो ऐसे वीर अनेकों हैं।
जिनकी वीरता से हमारा सीना गर्व से फूल गया
जिनके पराक्रम से उनको दुश्मन भी है नमन करते
जिसने अपने वतन के खातिर प्राण न्यौछावर कर दिये।
©Prince Kumar
Prince Kumar













