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Tuesday, 25 August 2020

तुम सादगी की तरह याद आओगी

    ' तुम सादगी की तरह याद आओगी '

तेरा मिलना बातें करना
हँसकर यूं रुठ जाना
बहुत याद आयेगी
तुम सादगी की तरह याद आओगी।


वो सावन की बारिश
वो बारिश का पानी
वो बारिश के पानी में हमारा मिलना
वो रिमझिम बारिश में तेरा मचलना
तेरे हाथों से बारिश के पानी को यूं छलकाना
बहुत याद आयेगी
तुम सादगी की तरह याद आओगी


तेरी एक झलक के खातिर मैंने
तेरे मोहल्ले के कितने चक्कर लगाए
तुम्हारे छत पे नज़रे गराना
तेरा निकलने का इंतजार करना
अपना वो नज़रों - ए - नज़रे में बातें करना
तुम्हारा वो हँसकर के जाने को कहना
मेरे से पहले वो तेरा हँसकर छत से जाना
तेरे जाने के बाद भी
तेरे छत को निहारना
बहुत याद आयेगी
तुम सादगी की तरह याद आओगी


फूलों की तरह खिला तेरा चेहरा
मोती की तरह तेरी चमकती आंखें
बहुत याद आयेगी
क्या तुम्हें भी मेरी याद आयेगी
क्या तुम भी मेरे बारे में इतना सोचती होगी


तेरा मिलना बातें करना
हँसकर यूं रुठ जाना
बहुत याद आयेगी
तुम सादगी की तरह याद आओगी।


                            Prince Kumar

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