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Monday, 11 May 2020

नर्स Nurse

अपने घरों की चिंता छोड़,
सेवा करती हमारी रोज ,
मदर टेरेसा के रूप में,
आयी है दुनिया की ओर ।

                         प्रिंस कुमार


Friday, 8 May 2020

Journey of IAS Aspirants


जब निकलता है बड़ों का आशीर्वाद लेकर
और आंखों में सपना लेकर ,
ट्रेन में बैठकर निकल जाता है मंज़िल पाने को
जब पहुंचता है सपनों कि दुनिया में ,
तो देख खो सा जाता है।

फिर मिलता है कुछ लोगों से
उसमें से कुछ बन जाते हैं बेस्ट फ्रेंड्स ,
दोस्तों के साथ मिलकर लग जाता है
पढ़ाई में दिन और रात।

जब कभी लगता है हमसे ना हो पाएगा
तो याद आ जाता है मां पापा का चेहरा ,
और वह एक पापा का कॉल
जो अंदर एक आग सी जला देती,
तब फिर लग जाता है अपना रुटीन को पूरा करने में।

अब कुछ दिन बाद आ जाता है उसका एग्जाम
उस एग्जाम में गिर जाता है,
खड़ा हो फिर लग जाता है अपनी मेहनत कर दोगुनी
क्योंकि हारना उसकी फितरत नहीं ।

तब जाकर मिलती है सफलता उसको ,
बड़ी मुश्किलों के बाद
सब मिलकर खुशी से मनाते उसके सफलता का त्यौहार ।

                               

                               #princekumar
                                  10/02/2020
             





Sunday, 3 May 2020

खोना

ना जाने क्यूं ऐसा ख़्याल आता है,

लाइफ में कुछ खोने का डर सा लगा रहता है,

फिर सोचता हूं क्यूं डरूं किसके लिए डरूं,

इसलिए तो कहा गया है ,

कुछ पाने के कुछ खोना पड़ता है।


जनाब


किसी ने पूछ लिया किधर चलते हो जनाब,

मैंने मुस्कुराते हुए कह दिया,

चल रहे हैं अपने मंजिल की ओर जनाब।


सपनों का मंज़िल


यूं ही नहीं मिलती राही को मंज़िल,

छोटी सी पगडंडी से लेकर,

टूटे सड़को पे चलनी पड़ती है ,

तब कहीं जाकर सपनों की मंजिल मिलती है ।


मजबूत इरादा और हौसला


चलती हवा के कानों में जलती मोमबत्ती ने यूं कहा,

मेरे मज़बूत इरादों और हौसलों के आगे,

तू ए हवा कुछ भी नहीं ।



Friday, 1 May 2020

मां

सुबह की पहली किरण सी लगती है,
रात की चांद की ठंडक सी लगती है,
एक मां ही तो है जो अपनी सी लगती है।