Search This Blog

Wednesday, 22 April 2020

नींद


कृष्ण पक्ष की अंधेरी रातों में , 
नयन ज्योति सा चमक रही ,
मुखरा जैसे चांद टुकड़ा ,
प्यारा सा , शीतलता सा ,
हमें कोमलता से सुलाए चले ।

No comments:

Post a Comment